थर्मल ड्रोन से भी रखी जाएगी जंगलों की आग पर नजर
हल्द्वानी में वन विभाग ने जंगलों में आग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए थर्मल ड्रोन का उपयोग करने का निर्णय लिया है। ये ड्रोन दूर से आग की स्थिति की पहचान कर संबंधित अधिकारियों को जानकारी देंगे। इससे आग बुझाने में मदद मिलेगी और वन्यजीवों के रेस्क्यू में भी सहारा मिलेगा।

हल्द्वानी, मुख्य संवाददाता जंगलों में आग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग थर्मल ड्रोन की मदद लेगा। ड्रोन में लगे अत्याधुनिक थर्मल सेंसर दूर से ही आग की जगह चिन्हित कर घटनास्थल की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दे देंगे। इसके बाद टीम मौके पर जाकर आग पर काबू पाने के लिए आसानी से जरूरी कदम उठा सकेगी।जंगलों में दिन में लगने वाली आग का अंदाजा केवल धुआं देखकर लगाया जाता था। रोशनी होने के चलते आग की भयावहता का पता लगाना मुश्किल होता है। लेकिन अब थर्मल ड्रोन दिन के समय सिर्फ धुंआ उठने से ही आग की सटीक लोकेशन व स्थिति का पता लगा लेगा।
जिससे आग फैलने से पहले ही उसे बुझाने में मदद मिलेगी। जानकारी के अनुसार तराई पूर्वी वन वृत्त समेत पश्चिमी वृत्त के कुल चार वन प्रभागों ने थर्मल ड्रोन खरीद लिए हैं। तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ हिमांशु बागरी ने बताया कि इन ड्रोनों से जंगल की आग की निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी। कर्मचारियों को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण पहले ही दिया जा चुका है, ताकि आपात स्थिति में ड्रोन को तुरंत उड़ाया जा सके। इस पहल से जंगलों की सुरक्षा मजबूत होने की उम्मीद है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां घने जंगल और दुर्गम इलाके होने के कारण पारंपरिक तरीकों से निगरानी करना मुश्किल होता है।वन्यजीवों के रेस्क्यू में भी आएगा कामवन अधिकारियों के अनुसार, थर्मल ड्रोन न केवल आग की रोकथाम में कारगर साबित होंगे, बल्कि वन्यजीवों के बचाव कार्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। घायल या फंसे हुए जानवरों की तलाश और रेस्क्यू ऑपरेशन में इनका इस्तेमाल किया जाएगा। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन तकनीकी की मदद से मानवीय क्षति को कम किया जा सकेगा और वन संपदा की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।


